PM Narendra Modi completes 25 years as head of government, marking a long political journey filled with speeches and remarks that often made headlines. From “Balak Buddhi” and “Tumse Na Ho Payega” to “Modi Ki Guarantee” and “Abki Baar, 400 Paar”, here are 25 of PM Modi’s most memorable remarks from over the years.
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The speaker delivers a passionate political address criticizing the Congress party and asserting the strength of the \"New India.\" He emphasizes a shift in national security, claiming India now responds decisively to terrorism, while positioning himself as the protector of the marginalized and a dedicated servant of the nation.
साथियों, पंजेव और साइकल के सपने तूट गए, खटा खट, खटा खट.
आदने सभापति जी, बालक बुद्धी में ना बोलने का ठिकाना होता है, और नहीं बालक बुद्धी में विवहार का कोई ठिकाना होता है.
और जब ये बालक बुद्धी पूरी तरह सवार हो जाती है, तो सदन में भी किसी के गले पड़ जाते हैं.
ये बालक बुद्धी अपनी सीमाये खो देती हैं, तो सदन के अंदर बैट रिकेर के आखे मारते हैं. इनकी सच्चाई आदने सभापति जी, अब पूरा देश समझ गया है.
अब पूरा देश सभापति जी, ये संविदान संसोधन करने का ऐसा खून कॉंगरेज के मुह लग गया, कि समय समय पर वो संविदान का शिकार करती रही.
ये खून मुह पर लग गया. इतना ही नहीं, संविदान के स्पिरीट को लहु लहान करती रही. मैं पहले भी कह चुका हूँ, भारत युद्ध का नहीं, बुद्ध का देश है.
पाकिस्तान भी भली भाती जान गया है, कि भारत का हर जवाब पहले से जाधा तगडा होता है. उसे ये भी पता है, कि अगर भविश में नौबत आई, तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है.
और इसलिए मैं फिर से लोगतंतर के इस मंदीर में दोहराना चाहता हूँ, ओपरेशन सिंदूर जारी है.
मैं 30-40 मिनीट से बोल रहा था, लेकिन करन्ट पहुंचते पहुंचते इतनी देर लगी.
मार करने की छूट भी, फुली छूट दे दी, आज दुश्मन को भी पता है, ये मोधी है, ये नया भारत है, ये नया भारत गर में गुशकर मारता है.
और जब दुश्मन ने आतंगवात के जरीए भारत की सुरक्षा और सम्मान पर हमला करने का दुसाहत किया,
तो पूरी दुनिया ने देखा, नया भारत मानवता की सेवा के लिए, अगर कमला और विमला का स्वरूप है,
तो आतंग के विनाज के लिए दस प्रहरन धारणी दुर्गारी मनना जानता है.
साथियों, ये नया भारत है, ये किसी की परमाणू धंकियों से डरता नहीं है.
आजकल पुरे देश में एक चर्चा बड़ी जोरों पर चल रही है, पारलामन्ट में भी चलती है, और गली महले में भी चल रही है, और वो चर्चा है, मोधी की गारण्डी.
और देशवासी, मैं बड़े जिंब्मेवाली के साथ कहना चाहता हूं, और दाईत्व के साथ कहना चाहता हूं, बंचित का जो अधिकार है, सहीं SC हो, ST हो, OBC हो, बंचित का जो अधिकार है, मोधी उसका चोकीदार है.
साथियों, पंजेव और साइकल के सपने तूट गए, खटा खट, खटा खट.
भाईयो महनों, आपके इस चोकीदार ने, आपके लिए जो कुछ भी किया है, उससे आप फुश हैं? फुश हैं?
बाकि जो काम बचा है, वो काम भी यही चोकीदार पुरा करेगा.
सौगन्द मुझे इस मिट्टी की, सौगन्द मुझे इस मिट्टी की, मैं देश मिटने नहीं दूँगा.
मैं देश नहीं रुकने दूँगा.
कि ऐसा कोई संकल्प नहीं, ऐसा कोई संकल्प नहीं, जिसकी सिद्धी नहो सके.
ऐसा कोई लक्ष नहीं, जो हम भारतवासी पान सके.
अब मा भारती का सेवक मोधी यहां सीना तान कर खड़ा है.
मोधी का दिमाग थंडा है, थंडा रहता है, लेकिन मोधी का लहु गरम होता है.
कि कॉंग्रेस पार्टी ने एक एडवाइजरी निकाली है, और एडवाइजरी भी इतनी डरे डरे निकाली है,
उन्होंने कॉंग्रेस की सभी काईयों को कहा है, कि आयोध्या राम मंदिर की चर्चा अगर निकल पड़े,
तो मुँपे ताला लगा देना, कुछ बोलना ही मात, उनको लगने लगा है कि अगर राम का नाम लिया, तो पता नहीं कब राम राम हो जाएगा.
मैंने कॉंग्रेस को चुनवती दी थी कि उन्होंने कहा, कि ये नेहरू जी की महरबानी है, कि ये चायवाला प्रदानमंतिर बन गया.
दी दी, ओ मुंता दी दी, मैं तो आपको दी जी कहता हूं, आपका आदर करता हूं, आपकी ठपड भी मेरे लिए तो आशिरवाद बन जाएगी.
इन आपदा वालों की लूटिया यमुनाजी में ही डूबेगी.
एकी प्रोड़क बार-बार लॉंच करने के चक्कर में कॉंग्रेस की दुकान ताला लगने की नौबत आ जी.
तिलंगना के गाउं-गाउं से आवाज आरही एं.
नवज़वान भी बोल रहा है, बुजुर्ग भी बोल रहे हैं, महिलाय भी बोल रही हैं, शहर वाले भी बोल रहे हैं, किसान भी बोल रहा है, मजद्दूर भी बोल रहा है, अपकी बार, अपकी बार चार सो पार, अपकी बार, अपकी बार, अपकी बार
ये समक्षेवा भाव का परणाम है कि दो से यहां आ करके बैड़ गई
इनकी सच्चाई सभापती जी अब पुरा देश समझ गया है
एसली आज देश इन से कह रहा है
तुम से नहीं हो पाएगा तुम से ना हो पाएगा
मैं देशवाचियों से कहता हूँ
जो सिंदूर मिटाने निकले थे उन्हें मिट्टी में मिलाया है
जो हिंदुस्तान का लहू बहाते थे
आज तत्रे कत्रे का हिसाब चुकाया है
टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते हैं
और पानी और खुन भी एक साथ नहीं बैश सकता है
मैं आज विश्व समुधाय को भी कहूंगा
हमारी गोशित नीती रही है
अगर पाकिस्तान से बात होगी तो टेररिजम पर ही होगी
अगर पाकिस्तान से बात होगी तो पाक ओक्यूपाइड कश्वीर