Shiv-Parvati Vivah- The Divine Union - Cinematic Movie

Ancient Indian
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#Ancient Indian
#Experience the timeless tale of Lord Shiva and the GoddessParvati like never before in this cinematic mythological film
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Video Summary
AI GeneratedThis video narrates the divine love story and sacred union of Lord Shiva and Goddess Parvati. It depicts Parvati's unwavering devotion and rigorous penance to win Shiva's heart, the testing of her faith, their grand celestial wedding, and their eventual journey to the peaceful abode of Mount Kailash.
युगों से हिमालया की पवित्र छोटियों पर एक दिव्य कथा गुञ्जती आई है।
और तपस्या ने प्रेम को जन्म दिया।
तब हुआ शृष्ठी का सबसे पवित्र मिलन, शिव और शक्ती का अमर विवाह।
तो आओ जानते हैं इस पूरी मिलन की कहानी को एक वीडियो के मध्यम से।
देवी, भक्ति अद्भूत है।
सब महादेव की कृपा।
कार्पूर गउरं करुण वतारं
संसर सारं भुजगेंद्र हारं
सदवसंतं हृदय रविंदे
ये भक्ति पवित्र है।
अब पार्वती की परिक्षा लेनी होगी।
जैसे आप उचित समझें महादेव।
पूत्री, क्या चाहती हो?
मैं महादेव को अपना पती बनाना चाहती हूँ।
महादेव ही क्यूं?
वही मेरे सब कुछ है।
वहाँ तो श्मशान में रहते हैं?
कोई नहीं, वहाँ जक्के स्वामी है।
भस्म लगाते?
वह जैसे भी है, वहाँ मेरे महादेव है।
उनके पास धन नहीं?
उनसे बड़ा तो कोई धन नहीं।
फिर भी उन्हें चुनोगी?
हर जनम मैं चुनोगी।
परवती, मैं ही महादेव हूँ।
महादेव?
प्रभू, मेरा ताप सफल हुआ।
परवती, तुम्हारी भक्ती अमर है।
विवाह का शुब समय आ गया है।
ये आनंद का दिन।
महादेव, महादेव का धन्यवाद।
तयारी पूरी हो रही।
सब कुछ सुन्दर होना।
आज शुब अवसर है।
शुब यात्रा का समय।
सब तयार हैं प्रभू, चलिए।
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
आज मंगल का दिन।
हर महादेव, स्वागत है।
यह कितनी अनोखी बरात है।
महादेव की महिमा अलग है।
एक होर बराती आये हैं।
हर हर महादेव, स्वागत है।
यह कैसे बराती है महराज।
पर्वती का विवाह।
शान्त रहिये महारानी।
मेरा मन चिंतित है।
महादेव, अपार महिमा है।
विश्वास रखिये महरानी.
माथा, चिन्ता त्याग दिजिए।
महादेव,
यहीं उनका दिव्य स्वरूप है।
महादेव, मुझे एक शामा कीजीए।
माता, आपका प्रेम पवित्र है।
आज मैं धन्य हुई।
देवी, शुब घड़ी आ गई।
महादेव का आशिर्वाद है।
स्वागत है।
स्वागत है परवती।
आज स्वयं महादेव की दिव्यवराद।
गुंज उठी है।
गगन भी जूम रहा।
देवों के संग सारा जग।
उत्सव में डूब रहा।
गर संग आज सझे।
मांता पारवती खाली।
भूल बरसे अंबर से।
शुब घड़ी ये आई है।
शुब और शक्ती का मिलन की पावन बेला च्छाई है।
आकी आखों में खुशियों के मोती है।
हिमवान के हिरे में आगर्म की जो होती है।
सख्यां गाए मंगल गीत।
दीतों की कतारे हैं।
सब तप्दी के पावन तेरे जन्मों के सहार।
हर हर महादेव नुझे की दिराज।
शिवर शुभर संग राज सजे माथा।
हनूज ने करता है।
परवती आगे ही कैलाश की दिशा है।
महादेव क्या कैलाश सच में इतना अद्भूत है।
वह शान्ती और तपस्या का धम है।
कैलाश में तुम्हारा स्वागत है परवती!
महादेव, कैलाश सच में अद्भूत है।
मुझे खुशी है कि तुम्हें यह पसंद आया।
यहाँ स्थान कितना शान्त है।
कैलाश का हिदय सदैव ऐसा ही है।
अब यह मेरा भी घर है।
तुम्हारा स्वागत है पर्वती
पर्वती कुछ देर साथ बैठते हैं
जी महादेव
ये शान्ती के पल बहुत अन्मोल होते हैं
मैं इन्हें सदा याद रखूँगी
पर्वती अनन्त आकाश
इतना सुन्दर द्रिश्या मैंने कभी नहीं देखा
हे कैलाश पे जश्ण है भारी
शिवशंकर की शुभ घड़ी आई
