Leher Shahid, Kriti, Rashmika | Pritam, Arijit Singh, Amitabh B | Cocktail 2
Jul 27, 2026
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Video Summary
AI GeneratedThis transcript consists of lyrics from a song centered on the themes of love, longing, and the captivating power of a lover's gaze. The speaker expresses a belief in love but a skepticism toward the permanence of relationships, describing a state of madness and devotion triggered by the \"arrows\" of the beloved's eyes.
प्यार में ब्लीव करते हूँ बस
प्यार में बन में ब्लीव नहीं करते हूँ
जो जब तक है तब तक है
मा मा माशूका
आ है जब तप हैम पर भी कर दिवाना
मा मा माशूका
पिर तेरी नज़रों קा
तो कभी ना चुका
मा मा मा माशूका
ओ मैं माशूका तीर तेरी नजरों का ना कभी चुका
साइमी के बाबर के में से दूची फांदा चावीची
पर ये खलाजन ते नुखा बिसको माल दर के लाफाई
में ब्रयावामीची के फेरी राणा दोगा
तीर नजर का बनाया तूने जिसे भी निशाना
जाने क्यों चाहा के भी चाहे ना वो फुद को बचाना
जिसे गले से एक पल के लिए भी तू लदाले
पूरी उमर उस पल में बिताले वो दिवाना
सम दिवानों का खोश कबाना है और हसीनों पे खोश लगाना है
श्कुजन से थी वर्दन नुझा भी गज़े दीरे प्रसा को में फिर न फिर
मा मा मा शुका मा मा शुका
तीर तरी नज़रों का तो कभी न चुका
मा मा मा मा शुका ओ माई मा शुका
तीर तरी नज़रों का ना कभी चुका
मा शुका मा शुका मा शुका मा शुका
मा शुका मा शुका मा शुका
शुक हाँ, शुक हाँ शुक हाँ शுक आए
शुक हाँ, शुक आए जर वालालाला
ने तरह छोंगना

